शंखनाद

“फेक अफ़वाहों से बचें। झूठी ख़बरों पर बिल्कुल ध्यान न दें।”

सच्चाई ये है:

ऐसा कोई नियम या “कानूनी बचाव” नहीं है कि आप अपने फेसबुक प्रोफाइल पर लिख दें और फिर Facebook/Meta { यानी मार्क जुकरबर्ग भईया ) आपकी फोटो या डेटा इस्तेमाल नहीं करेगा। आपके जानकारी के लिए बता दु कि उनके पास एक आपके फ़ोन कि एक एक जानकरी पहले से ही है |

जब आप फेसबुक/मेटा का अकाउंट बनाते हैं, उसी समय आप उनके Terms & Conditions मान लेते हैं। आपके फोन से लोकेशन, ब्राउजिंग डेटा, कॉन्टैक्ट्स और डिवाइस इनफॉर्मेशन तक की एक्सेस, आप खुद ऐप को परमिशन देकर देते हैं। इस तरह का मैसेज पोस्ट करने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

ये मैसेज कई सालों से व्हाट्सऐप और फेसबुक पर घूम रहा है और पुलिस व साइबर सेल ने इसे फेक बताया है। इस इमेज में भी उत्तराखंड पुलिस ने “FAKE” लिखकर चेतावनी दी है। अगर आप ये मैसेज पोस्ट कर भी दें तो आपकी डेटा शेयरिंग पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं होगा।

आज से नए नियम लागू होंगे” यह झूठ है

Facebook/Meta हर बड़े बदलाव के लिए आपको नोटिफिकेशन और ईमेल देता है।

टीवी या 9:20 वाली “मोह़र” वाली बात फेक है, साइबर सेल पहले भी बता चुकी है।

 

“अगर पोस्ट नहीं किया तो अनुमति मान ली जाएगी” झूठ है

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